दिलों की जरुरत कोई क्या समझेगा

दिलों की जरुरत कोई क्या समझेगा;
रिश्तों की अहमियत कोई क्या समझेगा;
तेरी मुस्कान ही है मेरी ख़ुशी;
इस ख़ुशी की कीमत कोई क्या समझेगा!

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